
इस बार जो बांधने और दागने से चूक गए, सत्ता की दुलहनिया है पास नहीं आएगी
और ज़िन्दगी भर कुवारे ही बने फिरोगे, घोड़ी चढ़े दुल्हे की बरात नहीं जाएगी
नारी को पटाने की कला में बड़े माहिर हो, कवी हो तो कोई खाली बात नहीं जाएगी
और इस बार जो दुपट्टा उठा के जो चली गयी, तो ज़िन्दगी में फिर सुहागरात नहींआएगी....

No comments:
Post a Comment